बुधवार, 6 दिसंबर 2017

खोज

जन्म,
यात्रा,
उतार-चढ़ाव,
प्रेम,
उम्मीदें,
जुनून,
सपने,
आजीविका,
खालीपन,
अवसाद,
खुद का साथ,
अपनापन,
एकांत,
सन्नाटा,
शांति,
शोर,
क्रांति,
खोज,
अभिव्यक्ति,
आंनद,
भक्ति,
नीरसता,
नींद,
मृत्यु, मोक्ष, अमरत्व........
"जन्म जीवन मृत्यु"
जन्म और मृत्यु के बीच में जीवन.........
कितना कुछ जीते हैं हम..........
कितना जी लिया मैंने........
कुछ तो रह ही जाता है.......
क्या कभी सबकुछ जिया जा सकता है........
सबकुछ जी लेने को मोक्ष कहेंगे या अमरत्व........
मोक्ष की स्थिति स्पष्ट नहीं है.........
मन विचलित है........... क्यूँ पर?
कुछ खोज रहा है......... क्या मगर?
मिल गया तो फिर?........ मोक्ष?
नहीं मिला तो फिर?........अमरत्व?
क्या जीना है?
क्या बाकी है?
क्या खोज है?
कुछ तो है..............

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